शनिवार, 28 जनवरी 2012

विश्व के वर्तमान महत्वपूर्ण अधिकारी

संयुक्त राष्ट्र महसचिव - बान की मून ( द० कोरिया )
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी - युकिया अमानो ( जापान )
यूनेस्को प्रमुख - इरिना वीकोवा
अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक कोष - क्रिश्तीना लोगार्ड ( फ़्रांस )
विश्व बैंक प्रमुख - राबर्ट जोएलिक
विश्व व्यापार संगठन - पास्कल लामी
यूनिसेफ प्रमुख - एंटनी लेक
इंटरपोल प्रमुख - रोनाल्ड के० नोबल
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति - जेक्स रोगे
फीफा प्रमुख - सेप ब्लाटर
एशियन क्रिकेट समिति - मुस्तफा कमाल (पकिस्तान )
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् - शरद पवार

भारत के वर्तमान महत्वपूर्ण पदाधिकारी

भारत के मुख्य न्यायाधीश - न्यायमूर्ति एच ० एस० कपाडिया
महान्यायवादी - गुलाम ई० वाहनवती
महाधिवक्ता - रोहिंटन नरीमन
राज्यसभा के सभापति - हामिद अंसारी
राज्यसभा के उप सभापति - के० रहमान
लोकसभा अध्यक्ष - मीरा कुमार
लोकसभा उपाध्यक्ष - करिया मुंडा
राष्ट्रिय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष - वजाहत हबीबुल्लाह
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष - डॉ रामेश्वर ओरांव
राष्ट्रिय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष - पी० एल ० पुनिया
राष्ट्रिय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष- एम० एन० राव
राष्ट्रिय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष- के ० जी० बालकृष्णन (कार्यवाहक )
राष्ट्रिय महिला आयोग - ममता शर्मा
परमाणु ऊर्जा आयोग - श्री कुमार बनर्जी
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया - दी० सुब्बाराव
राष्ट्रिय जांच एजेंसी - एस० के ० सिन्हा
इंटेलिजेंस ब्यूरो - नेह्चल संधू
इसरो - के० राधाकृष्णन
रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रा ) - एस० के० त्रिपाठी
मुख्य सूचना आयुक्त - सत्यानन्द मिश्र
मुख्य चुनाव आयुक्त - शाहबुद्दीन याकूब कुरैशी
राष्ट्रिय सुरक्षा गार्ड - आर० के० मेधेकर

गुरुवार, 26 जनवरी 2012

१५ अगस्त से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है २६ जनवरी



आप सभी को देश के ६३ वे गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाये ।
जैसा कि सबको पता है कि २६ जनवरी १९५० को हमारे संविधान को लागू किये जाने के कारन हम सभी भारतवासी इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मानते है । वैसे हमरा देश पंद्रह अगस्त १९४७ को आज़ाद हुआ था , लेकिन पंद्रह अगस्त से भी ज्यादा धूम धाम से छब्बीस जनवरी मनई जाती है । तो मन में प्रश्न उठता है ऐसा क्यूँ ?
तो आपकी जानकारी के लिए बता दू , कि भले ही हम पंद्रह अगस्त १९४७ को वैधानिक तौर से आज़ाद हुए हो , मगर संवैधानिक तौर से तो २६ जनवरी १९५० को ही आज़ाद हुए । मतलब इस दिन के पहले हमारे पास न तो अपना संविधान था , न ही अपना गणतंत्र , न अपने कानून , न नागरिकता , न विधायिका और न ही कार्यपालिका- न्यायपालिका । हमारा देश अंग्रेजो के बनाये भारत शासन अधिनियम १९३५ से संचालित था ।
९ दिसंबर १९४६ को हमरी संविधान सभा का गठन हुआ ।
जिसके अस्थायी अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद सिन्हा बनाये गये थे ।
फिर ११ दिसंबर १९४६ को डॉ राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष बने ।
२ वर्ष १८ माह और ११ दिन के अथक परिश्रम के बाद २६ नवम्बर १९४९ को दुनिया का सबसे बड़ा संविधान तैयार हुआ ।
हमारे देश के संविधान निर्माताओ ने समय कि कमी के कारण दुनिया के अच्छे संविधानो से अच्छी बातो को लेकर इसे तैयार किया था , खैर इस पर ब्रिटेन , अमेरिका, जापान , रूस , जर्मनी , फ़्रांस , द० अफ्रीका , आस्ट्रेलिया , कनाडा आदि का अधिक प्रभाव रहा ।
संविधान सभा कि प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ भीम राव आंबेडकर थे ।
कोग्रेस द्वारा २६ जनवरी १९३० में मनाये गये स्वतंत्रता दिवस कि याद को अक्षुण बनाये रखने के लिए इसे तैयार होने के दो माह बाद २६ जनवरी १९५० को लागू कर दिया गया ।

सोमवार, 23 जनवरी 2012

मध्य प्रदेश में वन रक्षको के १३८४ पदों का विज्ञापन


व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा अपनी वेबसाइट पर वन विभाग में १३८४ पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया है ।

इसकी बाकि जानकारी व्यापम की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

शैक्षणिक योग्यता- १०+२ (हायर सेकेंडरी )

ऑनलाइन आवेदन भरने की प्रारंभिक तिथि - २४ जनवरी २०१२, अंतिम तिथि २३ फरवरी २०१२



१५ अप्रैल २०१२ परीक्षा तिथि है ।



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शुक्रवार, 13 जनवरी 2012

कैसे भगाए परीक्षा का भूत .!!


कई परीक्षार्थियों को परीक्षा के बारे में सोचकर ही बैचैनी महसूस होने लगती है । दिमाग में उथल-पुथल मच जाती है , कि क्या मैं सभी प्रश्नों के उत्तर दे पाऊंगा ? क्या सभी उत्तर सही होंगे ? जो मैंने सिलाबुस छोड़ दिया कहीं उसी में से प्रश्न आ गये तो ? थोडा और पढ़ लेता तो ठीक रहता ! परीक्षा के लिए तोडा और समय मिल गया होता तो अच्छा रहता ! इस तरह के न जाने कितने प्रश्न लगभग सभी विद्यार्थियों को परेशां करते है । थोडा - बहुत मानसिक दवाब बेहतर प्रदर्शन के लिए अच्छा रहता है मगर ज्यादा दवाब नुकसानदायक हो सकता है । यह व्यक्ति के चारो तरफ एक नकारात्मक घेरा बना देता है , और फिर विद्यार्थी मन लगाकर ठीक से नही पढ़ पाता है । और परीक्षा में न तो ठीक से प्रश्नों के उत्तर दे पाता है और न ही सटीक उत्तर दे पाता है ।
इस तरह के भय को दूर करने कुछ उपाय है :-

सबसे पहले तो समय रहते ही अपना कौर्स पहले पूरा कर ले और उसका रिवीजन भी करले । ताकि एन वक़्त पर व्यर्थ का तनाव न हो । पढ़ते समय छोटे छोटे ब्रेक लेते रहे , ताकि दिमाग रिफ्रेश होता रहे। ब्रेक चाहे संगीत सुनकर ले सकते है , थोडा टहल सकते है , कुछ खा सकते है , स्नान कर सकते है , किसी अच्छे मित्र से फोन पर बात कर सकते है । ऐसा ही कोई एक तरीका चुन सकते है ।
परीक्षा के एकाध दिन पहले अपना प्रवेश पत्र, पेन आदि अच्छे से चेक कर ले

परीक्षा केंद्र कि पूरी जानकारी जुटा ले , हो सके तो १ दिन पहले जाकर देख आये

परीक्षा पूर्व रात को पूरी नींद ले ।

परीक्षा कक्ष समय से कुछ पहले ही पहुचे ।

प्रश्नपत्र मिलने के पूर्व गहरी साँस ले और छोड़े , अपनी पीठ बिलकुल सीधी रखे ।
मन में कोई सकरात्मक बार दोहराए , जैसे - मैं ये इम्तिहान पास करने वाला है !
प्रश्नों को ध्यान से पढ़े फिर उत्तर दे , जो प्रश्न सरल हो उन्हें पहले फिर कठिन प्रश्नों को करें ।

समय का विशेष ध्यान रखे , प्रश्न पत्र में दिए निर्देशों को भी ध्यान रखे ।

बुधवार, 11 जनवरी 2012

समसामयिक घटनाएं


# जून को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में "सुरक्षा मामलो पर मंत्रिमंडलीय समिति " ने सैधांतिक रूप से राष्ट्रिय आसूचना ग्रिड परियोजना को मंजूरी प्रदान की । इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य देश में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों तथा कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच ठोस सूचनाओ का आदान प्रदान करना है ।
# सरकार ने काले धन का पता लगाने और आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्यवाई के लिए एक नया अपराधिक जांच निदेशालय का गठन किया है । इस विशेष शाखा जो नई दिल्ली में होगी की अध्यक्षता आयकर के महानिदेशक करेंगे । इसके आठ अन्य मुख्यालय - दील्ली, चंडीगढ़ , जयपुर , अहमदाबाद , मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और लखनऊ में होंगे ।
# अपराधिक मामलो में जल्द ही न्याय उपलप्ध करने के लिए 'न्याय प्रदान एवं कानून सुधर राष्ट्रिय मिशन ' को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है ।
असम में सक्रीय संगठित उग्रवादी संगठन ' यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम ' (उल्फा ) ने १२ जुलाई २०११ को एकपक्षीय संघर्ष विराम की घोषणा की । (उल्फा का गठन १९७२ में हुआ था )।
कोलकाता उच्च न्यायलय के न्यायधीश न्यायमूर्ति सौमित्र सेन सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय समिति की जाँच में दोषी पाए गये , इन पर संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था , इससे पूर्व ही इन्होने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था । यदि न्यायमूर्ति सेन पर महाभियोग पारित हो जाता तो ये भारतीय इतिहास के प्रथम व्यक्ति होते जिन पर महाभियोग पारित होता ।
प्रथक तेलंगाना राज्य मामले पर श्री कृष्ण आयोग का गठन किया गया था । ३० दिसंबर २०१० को रिपोर्ट सौंपी ।
# २४ अप्रैल को पंचायती राज दिवस घोषित किया गया है , क्योंकि २४ अप्रैल १९९३ को ७३ व संविधान संशोधन के साथ देश में पंचायती राज लागु हुआ था ।

सोमवार, 9 जनवरी 2012

जब पढने में मन न लगे तो क्या करे .



दोस्तो ,
अकसर प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी करने वाले प्रतियोगियों के सामने यह समस्या आती है ,कि पढाई में मन नही लगता है । मगर पढना प्रतियोगी परीक्षा के लिए बहुत जरुरी है । तो मेरे अनुभव और विचार से तो सबसे पहले पढाई में मन न लगने के कारन का पता लगाना चाहिए कि आखिर पढाई में मन क्यों नही लग रहा है ?
मेरे विचार से कुछ सामान्य कारण ये हो सकते है :-
१- पढाई का उपयुक्त माहौल का न होना ।
२- पढने का उचित समय का न होना ।
३- पढने के लिए उपयुक्त सामग्री का न होना ।
४- उचित मार्गदर्शन का न होना ।
५-
अन्य कार्यो से व्यवधान ।
६- एकाग्रता की कमी होना ।
७- दृढ निश्चय का अभाव।
मेरे ख्याल से उपरोक्त सामान्य कारणों से सामान्यतः प्रतियोगी पढ़ नही पाते है , इनके अलावा भी कुछ अन्य विशेष कारण हो सकते है , जो अलग अलग लोगो के लिए अलग हो सकते है । आज हम इन्ही सामान्य कारणों की चर्चा करते है । इन कारणों में सबसे महत्वपूर्ण कारण जो है , वो है उचित मार्गदर्शन का न होना । उचित मार्गदर्शन का प्रतियोगी परीक्षाओ में अति महत्वपूर्ण स्थान है । जैसे आपको अगर दिल्ली जाना है , और आपको सही रास्ता मालूम नही , अगर आपको सही मार्गदर्शक नही मिला तो हो सकता है , कि आप किसी तरह से दिल्ली पहुच भी जाये मगर इसमें आपका बहुत सारा समय और धन खर्च हो सकता है । मगर सही मार्गदर्शक मिलने पर आप समय के साथ धन भी बचा सकते है , और अपनी मंजिल पर सही वक़्त पर पहुच सकते है । अतः सही ढंग से तैयारी शुरू करने के लिए एक उपयुक्त मार्गदर्शक अतिआवश्यक है । कई बार हम मेहनत और प्रयास तो बहुत करते है मगर सफलता नही मिलती है , दूसरी तरफ कुछ लोग कम मेहनत और कुछ प्रयास में ही सफल हो जाते है । इसका कारण उनका सही दिशा में सार्थक प्रयास होता है । जैसे - अगर हम कील को उल्टा पकड़कर कितनी भी जोर से दीवार में ठोंके वह नही ठुक सकती है , वही उसे सीधा कर देने पर वह थोड़े प्रयास से ही आराम से ठुक जाएगी । इसी तरह प्रतियोगी परीक्षा में सही दिशा में सही प्रयास बहुत जरुरी है ।
अब हम मूल मुद्दे पर आते है , कि कैसे हम पढाई में मन लगाये : -
सबसे पहले तो पढने के लिए एक लक्ष्य या उद्देश्य होना जरुरी है , यह हमारे लिए प्रेरक का कार्य करता है । अगर लक्ष्य विहीन है ,तो हमारी सफलता शंकास्पद होगी । अतः एक लक्ष्य होना अति आवश्यक है । एक से अधिक लक्ष्य होने से मन अधिक भटकता है और पढाई में मन नही लगता है ।
अब लक्ष्य निर्धारण के बाद समुचित तैयारी जरुरी है , अर्थात हमें अपने लक्ष्य के बारे में पूरी जानकारी जुटानी होगी , कि परीक्षा कैसे होगी ?
सिलेबस क्या है ?
पैटर्न किस तरह का है ?
प्रश्न किस तरह के आते है ?
पाठ्य सामग्री कहाँ से , कैसे मिलेगी ?
तैयारी की रणनीति क्या होगी ?
सफलता के लिए कितनी मेहनत जरुरी है ?
सफल लोगो की क्या रणनीति रही थी ? इत्यादि
अगर हम इन प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर लेते है तो , हमारी समास्या का आधा समाधान हो जायेगा । अब आधे समाधान के लिए हमें अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करना होगा । मतलब सेल्फ मेनेजमेंट
यदि हम खुद को सही तरीके से प्रतियोगिता के हिसाब से नही ढाल पाते है, तो सफलता में संदिग्धता होगी । हमें अपनी पढाई का समय और घंटे अपनी क्षमता के अनुसार निर्धारित करने होंगे । और निर्धारित समय सरणी का द्रढ़ता के साथ पालन करना होगा । इसके लिए हम प्रेरक व्यक्तिवो , प्रेरक प्रसंगों, प्रेरक पुस्तकों आदि का सहर ले सकते है ।
पढाई करते समय ध्यान देने योग्य बाते :-
१ - पढाई हमेशा कुर्सी-टेबल पर बैठ कर ही करें , बिस्तर पर लेट कर बिलकुल भी न पढ़े । लेटकर पढने से पढ़ा हुआ दिमाग में बिलकुल नही जाता , बल्कि नींद आने लगती है ।
२ - पढ़ते समय टेलीविजन न चलाये और रेडियो या गाने भी बंद रखे ।
३ - पढाई के समय मोबाइल स्विच ऑफ़ करदे या साईलेंट मोड में रखे ," मोबाइल पढाई का शत्रु है "

४ - पढ़े हुए पाठ्य को लिखते भी जाये इससे आपकी एकाग्रता भी बनी रहेगी और भविष्य के लिए नोट्स भी बन जायेंगे ।
५- कोई भी पाठ्य कम से तीन बार जरुर पढ़े ।
६ - रटने की प्रवृत्ति से बचे , जो भी पढ़े उस पर विचार मंथन जरुर करें ।
७ - शार्ट नोट्स जरुर बनाये ताकि वे परीक्षा के समय काम आये ।
८- पढ़े हुए पाठ्य पर विचार -विमर्श अपने मित्रो से जरुर करें , ग्रुप डिस्कशन पढाई में लाभदायक होता है।

९ - पुराने प्रश्न पत्रों के आधार पर महत्वपूर्ण टोपिक को छांट ले और उन्हें अच्छे से तैयार करें ।
१० - संतुलित भोजन करें क्योंकि ज्यादा भोजन से नींद और आलस्य आता है , जबकि कब भोजन से पढने में मन नही लगता है ,और थकावट, सिरदर्द आदि समस्याएं होती है ।
११- चित्रों , मानचित्रो , ग्राफ , रेखाचित्रो आदि की मदद से पढ़े । ये अधिक समय तक याद रहते है ।
१२- पढाई में कंप्यूटर या इन्टरनेट की मदद ले सकते है ।
इस तरह से
आप पढाई में मन लगा सकते है , अगर फिर भी पढाई में मन नही लगता तो आप टिपण्णी में अपनी समस्या लिख सकते है । आपकी सफलता की कामना के साथ आपका
मुकेश पाण्डेय
लक्ष्य परिवार

शनिवार, 7 जनवरी 2012

भारत : कुछ महत्वपूर्ण तथ्य




जनसँख्या : १,२१,०१,९३४२२ (२०११ की जनगणना के अनुसार )
: विश्व में दूसरा सर्वाधिक जनसँख्या , विश्वा की कुल जनसँख्या का १७.५ %
: कुल जनसँख्या में ८०.५% हिन्दू, १३.४ % मुस्लिम , अन्य वर्ग है
साक्षरता : ७४.०४% (पुरुष- ८२.१४%, महिला- ६५.४६%)
: सर्वाधिक साक्षर राज्य - केरल , न्यूनतम साक्षर राज्य- बिहार
जनसँख्या घनत्व : ३८२ व्यक्ति प्रति वर्ग किलो मीटर (सर्वाधिक - बिहार में )
लिंगानुपात : ९४० महिलाएं प्रति हज़ार पुरुषो पर
# मानव विकास सूचकांक
में भारत की १३४ वी रेंक है ।
(राज्यों में केरल सबसे ऊपर और छत्तीसगढ़ सबसे नीचे है )
# रिश्वतखोरी सूचकांक में भारत की 19 वी रेंक है ।
# भ्रष्टाचार
सूचकांक में भारत की 95 रेंक है ।
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भारत के राष्ट्रीय प्रतीक :-

राष्ट्रीय दिवस - २६ जनवरी, १५ अगस्त, २ अक्तूबर
राष्ट्रीय वृक्ष - बरगद
राष्ट्रीय पुष्प- कमल
राष्ट्रीय फल - आम
राष्ट्रीय पशु - बाघ\शेर
राष्ट्रीय पक्षी - मोर
राष्ट्रीय जलीय जीव- गंगातिक डोल्फिन
राष्ट्रीय धरोहर जीव - हाथी
राष्ट्रीय नदी - गंगा
राष्ट्रीय खेल - हाकी
राष्ट्रीय आदर्श वाक्य- सत्यमेव जयते
राष्ट्रीय गान- जन गन मन .....
राष्ट्रीय गीत - वन्दे मातरम
राष्ट्रीय कैलेण्डर- शक संवत

लक्ष्य ने फिर से छुआ सफलता का नया आकाश !



सर्वप्रथम आप सभी को लक्ष्य परिवार की और से नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये ! वर्ष २०१२ आपके जीवन में नई सफलताएं लेकर आये यही इश्वर से प्रार्थना है ।






मुझे
आप सभी को यह बताते हुए हर्ष हो रहा है की , २०११ के अंत में लक्ष्य क्लासेस ने एक बार फिर से सफलता के आकाश को छू लिया है । मध्य प्रदेश पुलिस सब इन्स्पेक्टर परीक्षा में लक्ष्य क्लासेस की पूजा उपाध्याय ने पूरे प्रदेश में महिला वर्ग में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है । इसके साथ ही सात अन्य अभ्यर्थी चयनित हुए है -
रोहित मिश्रा (सूबेदार ),
सरस्वती तिवारी ,
(सब इन्स्पेक्टर),
रजनी शुक्ला (सब इन्स्पेक्टर),
रौशनी जैन (सब इन्स्पेक्टर),
रचना
मिश्रा (सब इन्स्पेक्टर),
राम दत्त पाण्डेय ( प्लाटून कमांडर ),
शिवेंद्र त्रिवेदी (
प्लाटून कमांडर),